गुरुवार, 25 जुलाई 2013

नए नए रईस....

 चीन को पैसा बनाने की मशीन कहा जाए तो अतिश्योक्ति नहीं होगी, लेकिन अपनी संस्कृ ति और परंपराओं को लेकर आज भी अपने पुराने ढर्रे पर चल रहा हैं। जी हां, आपको जानकर हैरानी हो रही होगी कि अपने मशीनी पॉवर और टैक्नीक का परचम लहराने वाले चीन के रईस अब सलीके भी सीखने लगे हैं।  हाल ही के दिनों में तेजी से रईस हुए चीनी हुकमारान नारंगी छीलने, कांटा और छुरी पकड़ने की तालीम हासिल कर रहे हैं। दो हफ्ते के इस कोर्स की फीस करीब नब्बे हजार रुपए है और इसमें दाखिला लने वालों की अच्छी खासी भीड़ भी। कोर्स को चलाने वाली सारा जैन के मुताबिक चीन की बड़ी आबादी दो बिल्कुल अलग पीढ़ियों के बीच फंस गई है, क्योंकि उनके बच्चे एक उन्मुक्त समाज में जी रहे हैं जिसके चलते उन्हें एक साथ कई जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं। सारा की मानें तो यहां आने वाले  50 प्रतिशत संख्या ऐसे लोगों की है, जो कोर्स की फीस का तीन गुना कीमत देने की हैसियत रखते हैं। यही नहीं, यहां आने वाले लोगों में 400 से भी ज्यादा संख्या हाई सोसाइटी लेडीज की है, जो कपड़े पहनने के शऊर से लेकर गोल्फ, राईडिंग जैसे खास खेलों की जानकारी लेती हैं, प्रसिद्ध वाइनों के बारे में जानती हैं और चाय परोसने व टेबल सजाने के तरीके सीख रही हैं। चीन में हाई सोसाइटी की अधिकतर महिलाएं किसी बड़ी शादी में जाने पर सिर्फ इसलिए खाना नहीं खाती क्योंकि, उन्हें यह नहीं मालूम कि वैस्टर्न कल्चर के मुताबिक कैसे खाया जाता है यानी कैसे छुरी और कांटे का इस्तेमाल होता है। यही, नहीं यहां आने वाले ऐसे पुरुष भी हैं, जिन्हें यह सिखाया जाता है कि किसी से पहली ही मुलाकात में ही यह नहीं पूछना चाहएि कि तुम कितना कमाते हो या फिर तुमने अपनी पत्नी से तलाक क्यों ले लिया। इस कोर्स की प्रशिक्षक जोसलिन वांग का कहना है कि किसी भी बड़े अधिकारी या सेलिब्रिटी के लिए उसके खाने व छुरी व कांटे को पकड़ने का तरीका उसकी शख्शियत बताने के लिए बड़ा रोल अदा करता है। यानी कहा जाए कि चीन के लोग नए नए रईस हुए हैं इसलिए रईसों के तौरतरीके भी अपनाने ही पड़ेंगे और पुरानी व नई पीढ़ी के फासले को खत्म करने के लिए यह भी जरूर ही है।

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