शनिवार, 5 अप्रैल 2014

फिर बढ़ेंगे रोटी के दाम......


शहर में भीड़ है, शहर में बहुत शोर है।
 शहर की सड़कों को खूबसूरत बनाने की बात कही जा रही है,
 किसी चौराहे से सुनाई पड़ती है किसी पार्टी के उम्मीदवार की आवाज।
 बदहवास लोग शाम के अंधेरे में उसकी एक झलक पाने को बढ़े चले जा रहे हैं।
 दूर गांवों से आते हुए घंटो उसी जाम चौराहे पर रूके आॅटो में कराहती है बीमार महिला,
तमाम जुर्म, कत्ल, खुदकुशी, बीमारियों को खत्म करने के ठहाके रूकने का नाम नहीं ले रहे।
एक बेजान सी आवाज में गाली जबान पर है, ये चुनाव का मौसम है हर इक नेता इम्ताहन पर हैं।
 मुझे भी देर हो रही फिर भी सुनना पड़ता है लाउड स्पीकर का ककर्श स्वर,
 आभास हो रहा है मुझे हवा में कल घुलने वाली कड़ुवाहट का
 वोट तो मुझे भी करना है, मगर किसे...?
 अब डर लगता है नेताओं की मुस्कानों से, दोस्ती की चालों और शतरंज की बिसातों से।
 महंगाई, आतंक और दंगों से, पुलिस से, नेताओं और चुनावी फसादों से।
 अरे छोड़िए भी, फिर से वोट देंगे आप अपने ही विवेक से किसी एक को ।
 फिर आएगा पहले जैसा ही कोई शासन, फिर बढ़ेंगे रोटी के दाम,
 फिर रह जाएंगे कितने ही युवा बेरोजगार, फिर अनदेखे कर दिए जाएंगे बालमजदूरों के हाथों के छाले,
 फिर चिथड़ों में बिखर जाएगा कोई मासूम जिस्म,
 फिर आएगा चुनाव का मौसम और फिर से आप कहेंगे इस बार नहीं।

बर्ड या 'बॉडी आर्ट'...........




 आपने यह तस्वीर ध्यान से देखी होगी और सोचा होगा कि वास्तव में यह एक खूबसूरत पैरट यानी तोते की तस्वीर है। जनाब, फिर से देखिए यह किसी रियल तोते की फोटो नहीं है, बल्कि तोते की शक्ल ओ सूरत में रंगी एक फैशन मॉडल है। और यह कलाकारी है इटली के रहने वाले पैंतीस वर्षीय  बॉडी पेंटर मिस्टर स्टॉयटर की, जो इस कलाकारी में महारथ हासिल कर चुके हैं।

बॉडी पेंटिंग के चैंपियन हैं स्टॉयटर


हुबहू तोते की आकृति की यह तस्वीर उन्होंने हाल ही में पेश की है। स्टॉयटर अपनी इस उम्दा कलाकारी के लिए वर्ष 2012 में वर्ल्ड बॉडी पेंटिंग चैंपियनशिप की बादशाहत अपने नाम कर चुके हैं। पिछले वर्ष स्टॉयटर ने पांच लोगों को एकसाथ व्यवस्थित कर एक जीवंत मेंढक की आकृÞति को प्रदर्शित किया था।

कलाकारी है जुनून

 स्टॉयटर को बॉडी पेंटिंग का ऐसा जुनून है कि वह इस कला के द्वारा मॉडल्स की बॉडी को स्पेशल ब्रीथिंग कलर्स के साथ पेंट कर विभिन्न आकृतियों को प्रदर्शित करते हैं। स्टॉयटर के मुताबिक इस प्रकार की किसी आकृति को बनाने में शुरूआत से अंत तक करीब चार हफ्ते का वक्त लगता है।  इसके अलावा फोटो का सही एंगल चुनना बेहद मुश्किल होता है। वहीं  प्राकृतिक और रियल दिखाने के लिए ये तस्वीरें बहुत चतुराई से लेनी पड़ती है।

कठिन है मगर शौक है

स्टॉयटर  कहते हैं क मुझे बेहद खुशी है कि जब दर्शक ऐसी फोटो को देखते हैं और पूछते हैं कि यह मैनें कहां और कब खींची लेकिन वह हैरान होते हैं कि यह रियल पिक्चर नहीं है बल्कि एक मॉडल के बदन पर की गई कलाकारी है। उनके काम में सबसे मुश्किल क्या है इसके जवाब में स्टॉयटर कहते हैं कि इन तस्वीरों को हुबहू पेश करने के लिए मॉडल्स को समझाना और बैलेंस करना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है, वहीं किसी मॉडल का लंबे समय तक एक ही अवस्था में रहना भी आसान नहीं होता। स्टॉयटर अपनी इस अतुल्य कलाकारी से अजगर तथा अनानास व  खरबूजा, जैसे फलों और अनेक फूलों की आकृति भी पेश कर चुके हैं। 

बुधवार, 2 अप्रैल 2014

कमबख्त, आसमानों तक उड़ान भरती है...

दिल किसी दर्जी सा दिन को टांकता जाता है,
 जिंदगी हर घड़ी को इम्तहान करती है।
मेरे सपनों को जमा करके उछाल न दे कोई,
 यही बात  मुझे मौत से ज्यादा परेशान करती है।
 कब तलक बांध के रखें, खयालों की जुल्फ को,
 कमबख्त, आसमानों तक उड़ान भरती है।